Wednesday, May 13, 2009

रहिसो की गुंडागर्दी

हमारे देश में अमीरी-गरीबी की भेद-भावना आज तक चलती आ रही है। न जाने कब यह समाप्त होगी।
घर से बहार निकलते वक्त अक्सर मुझे देखने को मिलता है की स्लम लोगों के साथ बुरा व्यवहार किया जाता है, और उनके साथ यह सब करने वाला और कोई नही हमारी ख़ुद की युवा पीढी है।
अमीरी दिखाकर गरीबों से मनमानी करते है, उन्हें नीचा दिखाते है। न जाने कब वह यह सब इन्सानियत के नाते समझेगे।
ऐसा ही एक किस्सा कल मुझे देखने को मिला जब मै अपने घर लौट रही थी। एक गरीब छोटा लड़का जिसकी कोई गलती नही रोड़ के किनारे पर चल रहा था, तभी i10 कार में सवार लड़के ने अपनी कार उसके इतने पास से निकाली जिस से उस गरीब का एक्सीडेंट हो सकता था। गलती करने के बावजूद उस कार वाले ने उस गरीब पर अपना गुस्सा निकल दिया।
यह किस्सा युवा पीढी के उन लोगों का है जिन के अन्दर इन्सानियत मर चुकी है, और अमीर होने का घमंड है।